Skip to main content

एसोसिएशन ऑफ़ इनर व्हील क्लब इन इंडिया का नाम गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज

महिला सशक्तिकरण, आधुनिक समाज के विकास और सामाजिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है, लेकिन यह अब तक पूरी तरह से सफल नहीं हुआ है। हमारे समाज में महिलाओं के प्रति आदरणीय भावना की कमी, सांस्कृतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा में अंतर, और उनके सामाजिक प्रतिबंधों के कारण वे अपने पूरे पोटेंशियल को पूरी तरह से नहीं उतार पा रही हैं। एक सशक्त समाज बनाने के लिए हमें महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, और सामाजिक प्रतिबंधों को हटाने के प्रयास करने चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में समानता स्थापित करने के साथ-साथ, महिलाओं को रोजगार, नेतृत्व, और विभिन्न क्षेत्रों में मौके प्रदान करने के लिए समर्थन और अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है, यह तभी संभव हो सकेगा जब हम समाज में जाति, धर्म, और लिंग के आधार पर भेदभाव को खत्म करेंगे और सभी महिलाओं की क्षमताओं का सम्मान करेंगे। महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे प्रयासों का समर्थन करने के साथ-साथ, हमें एक समर्पित समाज बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक स्वतंत्रता मिल सके और वे समाज में अपनी अहमियत को साबित कर सकें।


इंदौर, मध्यप्रदेश के होटल शेरेटन ग्रैंड में एसोसिएशन ऑफ़ इनर व्हील क्लब इन इंडिया (Association of Inner Wheel Clubs India) द्वारा तीन दिवसीय मल्टी डिस्ट्रिक्ट रैली "ओडेसी" (ODSSEY) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन इनर व्हील क्लब की डिस्ट्रिक्ट 304 की चेयरपर्सन श्रीमति बीना शाह जी के मार्गदर्शन में किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम एवं उद्देश्य लड़कियों एवं सशक्त करने पर आधारित की गयी थी। इस रंगारंग कार्यक्रम का शुभारम्भ पूर्व लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन (Sumitra Mahajan, Former Speaker of the Lok Sabha) द्वारा किया गया। इस मौके पर श्रीमति महाजन ने सम्पूर्ण आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि "महिलाएं एक परिवार की मुख्य इकाई ही नहीं होती वह पूरे परिवार को बांध कर रखती हैं। एक बार महिला जो ठान लेती है वह उसे पूरा करती है। अपनी संतान को संस्कार देना हो, शिक्षा देना हो या उसे सशक्त बनाना हो, यह कार्य एक महिला अच्छे से कर सकती है। महाजन ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति में विवाह को एक संस्कार माना है, लेकिन आजकल वे टूट अधिक रहे हैं। झांसा देकर किए गए विवाह में न स्थायित्व होता और न उसमें कोई प्रेम होता है। ऐसे विवाह से महिलाएं बचें"।

इनर व्हील क्लब्स ऑफ़ इंडिया की तीन दिवसीय मल्टी डिस्ट्रिक्ट रैली में कार्यक्रम "भारत की बेटी" के अंतर्गत शनिवार को शहर के विभिन्न सरकारी स्कूलों एवं कॉलेजों की 1000 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। सर्वाधिक संख्या में साईकिल के निःशुल्क वितरण करने के संस्था द्वारा किये गए इस सराहनीय कार्य को गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) में "Largest Distribution of  Bicycles" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। साइकिल मिलने के बाद छात्राओं के चेहरे पर खुशी छा गई और लगा जैसे अब वे अपने हौसलों की उड़ान में पीछे नहीं रहेंगीं। इन साइकिलों के लिए पूरे देश की इनर व्हील बहनों ने कंट्रीब्यूट किया और इंदौर शहर के लिए गर्व की बात रही कि इस नेक काम हेतु इंदौर की छात्राओं को चुना गया। इन छात्राओं का चयन के लिए लगभग 20 संस्थाओं के प्राचार्यों से संपर्क किया गया, जिसमें, इंदौर की लालिमा तिवारी जी एवं डॉ. संगीता जैन जी की अहम भूमिका रही। एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों एवं अतिथियों ने स्कूलों के शिक्षकों की उपस्थिति में ये साइकिलें बालिकाओं को प्रदान की। साइकिल वितरण के बाद कार्यक्रम स्थल परिसर में ही छात्राओं ने साइकिल रैली भी निकाली, जिसे फिल्म एवं टीवी अभिनेत्री दिव्या सेठ जी, एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमति प्रीति गुगनानी जी और इनर व्हील मंडल 304 की मंडलाध्यक्ष श्रीमति बीना शाह जी ने रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। साइकिलों के साथ गणवेश में आई छात्राओं की रैली निकली तो उसका नजारा देखते ही बन रहा था।

इनर व्हील क्लब (Inner Wheel Club) जो की एक गैर लाभकारी महिला संगठन हैं, पूरी दुनियाभर में अपना शताब्दी वर्ष मना रहा हैं। इनर व्हील क्लब एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन हैं जो 110 देशों में फैला हुआ हैं इस संगठन में एक लाख से भी ज्यादा सदस्य हैं। इस संगठन की स्थापना 10 जनवरी 1923 द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुई थी। इसका गठन मार्गरेट गोल्डिंग (MS Margarette Golding) द्वारा मैंनचेस्टर में किया गया था। पेशे से नर्स रहीं मार्गरेट गोल्डिंग द्वारा संगठन की स्थापना का उद्देश्य सेवा एवं मित्रता के भाव को आगे बढ़ाना रहा। 

इनर व्हील क्लब के इस कार्यक्रम में पूरे देश से करीब 700 इनर व्हील सदस्याएं सम्मिलित हुई जो मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब आदि प्रदेशों से आई थीं । सभी सदस्यों का रजिस्ट्रेशन हुआ और हर डिस्ट्रिक का ग्रुप फोटो हुआ जिसकी कन्वीनर थी श्रीमति नंदिनी भार्गव जी और श्रीमति वसुधा चंद्रचूड़ जी। अतिथि स्वागत श्रीमति अनिता सिंह जी, श्रीमति संध्या गुप्ता. जी, श्रीमति रचना मालपानी जी,श्रीमति पल्लवी चोकसी जी ने किया। शाम को पैनल डिस्कशन हुआ जिसमें सभी महिलाओं ने भाग लिया। इस मौके पर एसोसिएशन प्रेसिडेंट एंड नेशनल रिप्रेजेन्टेटिव श्रीमति प्रीति गुगनानी जी (Smt. Priti Gugnani) ने कहा की "निःशुल्क साइकिल वितरण के इस आयोजन मे हमारा मकसद लड़कियों और महिलाओं को सशक्त करना हैं एवं यही इस कार्यक्रम की थीम हैं। हम चाहते हैं की महिलाऐं पढ़े-लिखें, इससे उनमे आत्म विश्वास आएगा और वें आत्मनिर्भर बनेंगी। लड़कियों के पास साइकिल होगी तो वे दूर तक पढ़ने जा सकेंगी एवं आगे बढ़ सकेंगी। 

इनर व्हील क्लब्स ऑफ़ इंडिया के कार्यक्रम "भारत की बेटी" के अंतर्गत 1000 छात्राओं को साइकिल वितरण के कार्य को गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) में स्थान मिलने पर सभी ने हर्ष व्यक्त किया।

मीडिया कवरेज़ - 












Comments

  1. Great work done by Association of inner wheel club India and Preeti Gugnani ji. I am Congratulating them.

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

इस्कॉन रायपुर ने जन्माष्टमी पर बनाया विश्व रिकॉर्ड: 10,000 किलो सामक चावल की खिचड़ी का भव्य प्रसाद बनाया

भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्मोत्सव को भक्ति और भव्यता के साथ मनाते हुए, इस्कॉन रायपुर (ISKCON) ने एक अद्भुत विश्व रिकॉर्ड बनाया जन्माष्टमी के पावन अवसर पर यहाँ 10,000 किलो सामक चावल (सांवा/बरनयार्ड मिलेट) की खिचड़ी तैयार की गई, जिसने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। यह विशाल प्रसाद-निर्माण भक्ति सिद्धार्थ स्वामीजी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। विश्व रिकॉर्ड की पूरी प्रक्रिया का संयोजन श्री तमाल कृष्ण दासजी ने किया, जिन्होंने बताया कि भक्ति सिद्धार्थ स्वामीजी के भाव को इतनी बड़ी मात्रा में सामक चावल की खिचड़ी तैयार कर इस्कॉन के संतों, ब्रम्हचारीयो, समिति तथा सैकड़ों स्वयंसेवकों ने साथ मिलकर इस महायज्ञ को सफल बनाया। सामक चावल, जिसे विशेषकर व्रत के अवसर पर खाया जाता है, को खिचड़ी के रूप में तैयार करना न केवल परंपरा का सम्मान है बल्कि स्वास्थ्य और सात्विकता का संदेश भी है। आयोजन के दौरान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ( Golden Book of World Records ) के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई जी, श्रीमती सोनल शर्मा जी एवम GBWR टीम सहित उपस्थित रहे। GBWR टीम ने सुबह से ही खिचड़ी की तैयारी को बा...

विश्व उमिया धाम मंदिर ने रचा इतिहास : धार्मिक अवसंरचना हेतु सबसे बड़ा राफ्ट कास्टिंग कार्य

पी. एस. पी. प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (PSP Projects Limited) ने निर्माण क्षेत्र की अब तक की सबसे कठिन और महत्वाकांक्षी उपलब्धियों में से एक को साकार कर इतिहास रच दिया। कंपनी ने अहमदाबाद स्थित विश्व उमिया धाम मंदिर (Vishv Umiya Dham Temple) के लिए धार्मिक अवसंरचना हेतु अब तक का सबसे बड़ा राफ्ट कास्टिंग सफलतापूर्वक पूरा किया। इस अद्वितीय उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Golden Book of World Records) द्वारा मान्यता प्रदान की गई। उपलब्धि के आंकड़े ● निरंतर कास्टिंग अवधि: 54 घंटे लगातार कार्य ● कंक्रीट की मात्रा: लगभग 24,100 घन मीटर विशेष रूप से तैयार किया गया ECOMaxX M45 लो-कार्बन कंक्रीट ● राफ्ट के आयाम: लगभग 450 फुट × 400 फुट × 8 फुट ● मानव संसाधन एवं उपकरण: 600 से अधिक अभियंता और कुशल श्रमिक, 285 ट्रांजिट मिक्सर तथा 26 बैचिंग प्लांट्स का उत्कृष्ट समन्वय ● जिस संरचना को सहारा देना है: यह कार्य जगत जननी माँ उमिया मंदिर (504 फुट ऊँचा, 1,500 से अधिक धर्म स्तंभों सहित विश्व का सबसे ऊँचा मंदिर) के लिए किया गया। इतना कठिन क्यों था यह कार्य : इतने बड़े पैमाने पर राफ्ट कास्टिंग...

सम्मेद शिखरजी, फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के स्वच्छता अभियान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज

पारसनाथ पर्वत पर स्थित सम्मेद शिखरजी (Sammed Shikhar, Parasnath) जैन समुदाय के लिए सबसे पवित्र तीर्थों (Jain pilgrimage) में से एक है। यह वह तपोभूमि है जहाँ 24 में से 20 जैन तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया। इसी कारण यह पर्वत आध्यात्मिक जागृति, आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र माना जाता है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु गहन भक्ति के साथ कठिन यात्रा कर इस पावन तीर्थ की आराधना करते हैं। ऐसे पवित्र स्थलों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ पर्वत न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता को संजोता है, बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध वातावरण भी प्रदान करता है। स्वच्छता, प्रकृति और आध्यात्मिकता के प्रति सम्मान का प्रतीक है तथा जैन धर्म के अहिंसा और पवित्रता के संदेश को भी जीवंत करती है। स्वच्छ वातावरण भावी पीढ़ियों को भी इस यात्रा को गर्व और श्रद्धा के साथ करने हेतु प्रेरित करेगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, “सबसे अधिक लोगों द्वारा पर्वत को स्वच्छ रखने की शपथ” (Most People Pledged to Keep Mountain Clean) का विश्व रिकॉर्ड प्रयास फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज, इंटरनेश...