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सम्मेद शिखरजी, फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के स्वच्छता अभियान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज

पारसनाथ पर्वत पर स्थित सम्मेद शिखरजी (Sammed Shikhar, Parasnath) जैन समुदाय के लिए सबसे पवित्र तीर्थों (Jain pilgrimage) में से एक है। यह वह तपोभूमि है जहाँ 24 में से 20 जैन तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया। इसी कारण यह पर्वत आध्यात्मिक जागृति, आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र माना जाता है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु गहन भक्ति के साथ कठिन यात्रा कर इस पावन तीर्थ की आराधना करते हैं।

ऐसे पवित्र स्थलों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ पर्वत न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता को संजोता है, बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध वातावरण भी प्रदान करता है। स्वच्छता, प्रकृति और आध्यात्मिकता के प्रति सम्मान का प्रतीक है तथा जैन धर्म के अहिंसा और पवित्रता के संदेश को भी जीवंत करती है। स्वच्छ वातावरण भावी पीढ़ियों को भी इस यात्रा को गर्व और श्रद्धा के साथ करने हेतु प्रेरित करेगा।

इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, “सबसे अधिक लोगों द्वारा पर्वत को स्वच्छ रखने की शपथ” (Most People Pledged to Keep Mountain Clean) का विश्व रिकॉर्ड प्रयास फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज, इंटरनेशनल (Federation of Humad Jain Samaj, International), अकलुज, महाराष्ट्र द्वारा किया गया। 16 सितम्बर 2025 को लगभग 451 श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सम्मेद शिखरजी को स्वच्छ रखने की प्रतिज्ञा ली। इस प्रयास को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Golden Book of World Records) में आधिकारिक मान्यता प्राप्त हुई, जिससे यह क्षण आस्था और सामाजिक उत्तरदायित्व का ऐतिहासिक संगम बन गया।

इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज को उनके सम्मेद शिखरजी यात्रा कार्यक्रम और स्वच्छता अभियान हेतु गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रोविजनल प्रमाणपत्र (Provisional Certificate) प्रदान किया गया। यह समारोह सम्मेद शिखरजी के गौतम ज्ञान गौरव टोंक पर आयोजित हुआ। जैन संतों की पावन उपस्थिति में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया हेड डॉ. मनीष बिश्नोई द्वारा प्रोविजनल प्रमाणपत्र संघ के पदाधिकारियों को किया गया और विश्व रिकॉर्ड की औपचारिक घोषणा की।

कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथि और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें श्री अजीत कोठिया (संस्थापक एवं राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य, फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज), श्री विपिन गांधी (राष्ट्रीय अध्यक्ष), श्री महेंद्र बंडी (महामंत्री), श्री मिहिर गांधी (पूर्व महामंत्री), श्री हंसमुख जैन गांधी (पूर्व अध्यक्ष), श्री चकोर गांधी, डॉ. राजमल कोठारी, श्री अंजोरित कोठिया (पूर्व महामंत्री), सन्नमित सेवा दल के श्री संदेश गांधी, श्री अभय जैन, श्री शरद पाटनोत तथा अन्य कई पदाधिकारीगण शामिल हुए I इस उपलब्धि के पीछे सन्नमित सेवा दल के अथक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 

समारोह के दौरान सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस पावन पहल की सराहना की और प्लास्टिक-मुक्त तीर्थयात्रा अभियान, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम जैसी गतिविधियों को भी रेखांकित किया। फेडरेशन ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया। लगभग 1008 यात्रियों की सहभागिता वाला यह आयोजन हूमड़ जैन समाज के लिए गौरव का क्षण है। यह घटना आस्था, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का अनुपम उदाहरण बनकर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

न्यूज़ एवं मीडिया कवरेज़ :-







Other Links :-

Sammed Shikharji entered the Golden Book of World Records for a cleanliness campaign by Federation of Humad Jain Samaj

सम्मेद शिखरजी, फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के स्वच्छता अभियान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज

Golden Book of World Records

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