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सर्वाधिक लोगो ने एक साथ ताड़ासन योग कर राष्ट्रीय युवा दिवस पर बनाया विश्व कीर्तिमान

आधुनिक समय में लोग इतने व्यस्त रहने लगे हैं कि उन्हें स्वयं के लिए समय नहीं मिलता है। जिस कारण वे अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल नहीं रख पाते हैं और आए दिन बीमार होते रहते हैं। इससे बचने के सबसे सटीक और सरल उपाय योगाभ्यास है, जिसे अपनाकर आप सेहतमंद रह सकते हैं। ताड़ासन योग का एक मूलभूत आसन है क्योंकि यह आसन अनेक आसनों का आधार है। ताड़ासन योग बेशक दिखने में काफी आसान लगता हो, लेकिन यह काफी प्रभावी होता है। ताड़ासन को समस्थिति भी कहा जाता है। ताड़ शब्द का अर्थ संस्कृत में पर्वत होता है, जिसके ऊपर इस आसन का नाम रखा गया है। इस योग को करने से लंबाई बढ़ती है। साथ ही पाचन तंत्र मजबूत होता है, शरीर में रक्त संचार सही से होता है, घुटनों, टखनों और भुजाओं में भी मजबूती आती है। ये एक सरल आसन है, जिसे करना बेहद आसान है। स्वास्थ्य की दृष्टि से ताड़ासन बहुत ही लाभकारी योग है।

भारत के महापुरुषों में से एक स्वामी विवेकानंद जी (Swami Vivekananda) की जन्म तिथि को देश के युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। राष्ट्रिय युवा दिवस के उपलक्ष्य में जौनपुर, उत्तर प्रदेश के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में डॉ. बिद्युत के. मल जी (Dr. Bidyut K. Mal) के मार्गदशन में  NSS (National Service Scheme) द्वारा विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। इस योग शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित योग गुरु बाबा रामदेव (Swami Ramdev) के नेतृत्व में 79,300 लोगो द्वारा संयुक्त रूप से ताड़ासन का योगाभ्यास कर विश्व कीर्तिमान स्थापित गया। एक ही साथ पर सर्वाधिक लोगो द्वारा ताड़ासन का योगाभ्यास करने इस अद्भूत कार्य को गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) द्वारा "Most People Performing Tadasana Yoga" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। राष्ट्रिय युवा दिवस के उपलक्ष्य में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में इंडिका पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स प्रा. लिमिटेड, नई दिल्ली का विशेष समर्थन रहा।

ताड़ासन योग करने के लिए सबसे पहले स्वच्छ स्थान पर एक मैट बिछाएं, अब सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाएं। इसके बाद दोनों हाथों को हवा में लहराते हुए ऊपर ले जाएं, और एक साथ जोड़ें। फिर दोनों हाथों को जो़डकर अपने सिर पर लाकर रखें। इस क्रम में ध्यान रखें कि आप घुटनों को हवा में लहराते हुए पंजों पर खड़े हो जाएं, और पैरों की एड़ियां एक दूसरी से मिली रहे। इसके बाद पुनः हाथों को सिर से उठाकर ऊपर ले जाएं और फिर हाथों को हवा में लहराते हुए सावधान की मुद्रा में आ जाएं। कुछ पल इस मुद्रा में रहने के बाद इसे बारी-बारी से दोहराएं। जब भी आप इस योग को करें तो सांस लेने की प्रकिया नार्मल रखें। रोजाना ताड़ासन योग को कम से कम 10 बार जरूर करें।


 

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