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गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज हुआ योगाचार्य आशीष शर्मा का नाम

वर्तमान समय में हम सभी योग एवं उससे होने वाले लाभो से भली भांति परिचित हैं। आज के समय में अनेक क्षेत्रों में योग का बहुत महत्व है। योग सही तरह से जीवन जीने का विज्ञान है और इसलिए इसे दैनिक जीवन में शामिल किया जाना चाहिए। यह हमारे जीवन से जुड़े भौतिक, मानसिक, भावनात्मक, आत्मिक और आध्यात्मिक, आदि सभी पहलुओं पर काम करता है। योग शब्द की जड़ है संस्कृत शब्द "युज" जिसका मतलब है जुड़ना। आध्यात्मिक स्तर पर इस जुड़ने का अर्थ है सार्वभौमिक चेतना के साथ व्यक्तिगत चेतना का एक होना। व्यावहारिक स्तर पर, योग शरीर, मन और भावनाओं को संतुलित करने और तालमेल बनाने का एक साधन है। योग साधना का शारीरिक स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका है। योग से अंगो की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है तथा शरीर स्वस्थ व निरोगी बनता है। योग के द्वारा शारीरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी प्राप्त किया जा सकता है। योगाभ्यास द्वारा मन की चंचलता को कम कर मानसिक एकाग्रता प्राप्त की जा सकती है।

मेरठ, उत्तरप्रदेश के रहने वाले श्री आशीष शर्मा जी (Mr. Ashish Sharma) का जन्म 28 जून 1992 को श्री कुलवंत किशोर शर्मा जी एवं श्रीमती सुषमा शर्मा जी के घर हुआ। आशीष शर्मा जी को कम उम्र से ही योग से विशेष लगाव रहा, बहुत कम उम्र में ही वे कठिन से कठिन योग कर लिया करते थे। योग गुरु स्वामी रामदेव जी से प्रभावित होकर उन्होंने स्कूल के समय ही यह निर्धारित कर लिया था की आगे चलकर योग के क्षेत्र में ही अध्ययन करना हैं। फलस्वरूप उन्होंने अपना पोस्ट-ग्रेजुएशन योग से ही किया। प्रतिदिन योगाभ्यास करते रहने के कारण आपकी ख्याति बेहतरीन योग साधकों के रूप में होने लगी अतः आपको स्कूल, कॉलेजों, एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा योग प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया जाने लगा। योग की कठिन विधाओं में प्रवीण श्री आशीष शर्मा जी सूर्य नमस्कार अत्यधिक तेजी से करते हैं। अपनी इसी कला को एक विश्व कीर्तिमान के रूप में स्थापित करने के लिए श्री आशीष शर्मा जी ने गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) के कार्यालय संपर्क किया और सबसे तेज गति से 100 सूर्य नमस्कार करने का दावा किया। फलस्वरूप कंकरखेड़ा खिर्वा रोड स्थित शगुन फार्म हाउस में आयोजित कार्यक्रम दौरान गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स के नेशनल हेड श्री अलोक कुमार जी (Mr. Alok Kumar, National Head, GBWR) की उपस्तिथि में मात्र 07 मिनट 02 सेकण्ड में 100 बार सूर्य नमस्कार करके एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। जिसके लिए गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स के प्रतिनिधि श्री अलोक कुमार जी द्वारा "Fastest Hundred Surya Namaskar Yoga Performance" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के सर्टिफिकेट देकर उन्हें सम्मानित किया गया।

योग के प्रति अपने इस विशेष लगाव और समर्पण के चलते "योग की ख्याति खूब प्रचारित प्रसारित हो तथा आमजन को इससे अधिकाधिक लाभ मिले" इस मंशा से आप स्कूलों एवं कालेजों में जाकर हजारों छात्रों को निःशुल्क योग का प्रशिक्षण देते हैं। आप के सरल स्वभाव और योग सीखने की अद्भुत कला के कारण काफी लोग योग के प्रति प्रेरित होकर लाभान्वित हुए। कोरोनाकाल में योगाचार्य आशीष शर्मा जी ने प्रतिदिन चार से पांच घंटे तक निःशुल्क सोशल मीडिया प्लेटफार्म आदि पर ऑनलाइन योग प्रशिक्षण दिया। देश में करीब 18 से अधिक राज्यो के अधिकांश लोगों को एवं कुछ विदेशी लोगों को भी आपने इस दौरान योग सीखाया। कोरोना काल के दौरान 24 मार्च 2020 से 24 सितम्बर 2021 तक आशीष  शर्मा जी द्वारा अलग अलग सोशल मीडिया प्लेटफोर्म के माध्यम से कुल 549 ऑनलाइन योग सेशन लिए गये, जिसके लिए उन्हें "Most Online Yoga Sessions Conducted During Corona Pandemic" शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट प्रदान कर गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स द्वारा सम्मानित किया गया। कोरोना काल के दौरान निःस्वार्थ भावना से जन-मानस की सेवा कर एक बार फिर से वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने अपने शहर और माता-पिता का नाम गौरवान्वित किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के सामाजिक कार्यों से भी आप सदैव जुड़े रहते हैं। आपकी साधना को देखते हुए आपको अनेकों सम्मानों से नवाजा गया है।

मीडिया कवरेज़  - 

सूर्य नमस्कार में मेरठ के आशीष ने बनाया 'विश्व कीर्तिमान', 7 मिनट 02 सेकेंड में किया ये कारनामा


403 सेकेंड में 100 बार सूर्य नमस्कार, बनाया विश्व रिकार्ड


सूर्य नमस्कार में मेरठ के आशीष ने बनाया वर्ल्‍ड रिकॉर्ड, 7 मिनट 2 सेकेंड में किया कारनामा


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