Skip to main content

संस्कृतिक मंत्रालय और (94.3) MY FM की ओर से आज़ादी के अमृत महोत्सव को समर्पित "Har Ghar Healthy" मिशन गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज

स्वास्थ्य की देखभाल और उसके प्रति जागरूकता हमारे जीवन की महत्वपूर्ण दिशा है। यह हमें नियमित व्यायाम, सही आहार और ध्यान में रखने की आदत डालता है, जिससे रोगों से बचाव होता है। स्वास्थ्य की देखभाल से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है और जीवन जीने की गुणवत्ता बढ़ती है। जागरूकता से लोग समय पर चिकित्सा प्राप्त करते हैं और सही जानकारी से स्वस्थ जीवन शैली अपनाते हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता समाज की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

संस्कृति मंत्रालय एवं 94.3 MY FM के नेतृत्व में एक अनूठी मुहीम शुरू की गयी जिसका नाम था "Har Ghar Healthy" यह पहल आजादी के अमृत महोत्सव के चलते लोगो के प्रति स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से शुरू की गयी थी जो अगस्त के पहले हफ्ते तक चली। MY FM की टीम द्वारा भारत के मध्य प्रदेश सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के 30 शहरों के स्कूल, कॉलेज, बाजार क्षेत्र, कोचिंग संस्थान, पार्क, किटी क्लब, एनजीओ, अस्पताल और कॉर्पोरेट कार्यालय में जाकर इस मुहिम के बारे में जानकारी दी गई। इस मुहीम की सबसे ख़ास बात यह है की इस मुहीम के चलते लोगो द्वारा अपने प्रियजनों और रिश्तेदारों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना से उन्हें पत्र लिखे गए। और साथ में शपथ लेकर खुद को स्वस्थ एवं दूसरो को स्वास्थय के प्रति जागरूक करने का वादा किया। इस मुहिम में 94.3 MY FM की टीम द्वारा अब तक 70 से अधिक लोकेशन से हजारों की संख्या में पत्र इकट्ठे किए।

संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture) एवं 94.3 MY FM के नेतृत्व में की गयी इस मुहीम के चलते अब तक 35,000 से भी ज्यादा पत्र प्राप्त हो चुके है, इनमे से कई पत्रों में तो देश के नागरिकों द्वारा अपने प्रधानमंत्री मोदी जी के स्वास्थय के प्रति भी अपनी चिंता जाहिर की गयी हैं। अपनी इस उपलब्धि को 94.3 MY FM  की टीम द्वारा एक विश्व कीर्तिमान के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया गया जिसके लिए टीम द्वारा गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) के कार्यालय संपर्क कर वर्ल्ड रिकार्ड हेतु आवेदन दिया। दिनांक 02 अगस्त 2023 को इंदौर के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय "The Emerald Heights International School" के परिसर में 9,430 मीटर लम्बे कपड़े पर लोगो द्वारा अपने प्रियजनों के प्रति स्वास्थ्य जागरुकता हेतु लिखे गए पत्रों की लगा कर एक कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा  प्रदशित किया गया। दिल्ली से गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स के नेशनल हेड श्री अलोक कुमार जी (Mr. Alok Kumar, National Head, GBWR) द्वारा इस कार्यक्रम का निरिक्षण करने के पश्च्यात संस्कृति मंत्रालय एवं 94.3 MY FM द्वारा इस मुहीम "Har Ghar Healthy" को ''Longest Display Wall of Health Letters" के शीर्षक के साथ एक वर्ल्ड रिकार्ड के रूप में गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज किया गया।

कार्यक्रम के दौरान इंदौर शहर के कलेक्टर श्री डॉ. इलैयाराजा टी. (Dr. Ilayaraja T. IAS) एवं शहर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव (Pushyamitra Bhargav, Mayor) कार्यक्रम के विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे एवं इस मुहीम की प्रशंसा करते हुए कुछ पत्रों को भी पढ़ा।

शास्त्रों में कहा गया है की स्वास्थ्य धन ही सर्वप्रमुख धन है। “आप क्या खा रहे हैं स्वास्थ्य का संबंध केवल इससे नहीं है बल्कि आप क्या सोच रहे हैं और क्या कह रहे हैं स्वास्थ्य का संबंध इससे भी है।”स्वास्थ्य का सम्बन्ध केवल शरीर से ही नहीं बल्कि मन की दृढ़ता से भी है। 

Comments

Popular posts from this blog

सम्मेद शिखरजी, फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के स्वच्छता अभियान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज

पारसनाथ पर्वत पर स्थित सम्मेद शिखरजी (Sammed Shikhar, Parasnath) जैन समुदाय के लिए सबसे पवित्र तीर्थों (Jain pilgrimage) में से एक है। यह वह तपोभूमि है जहाँ 24 में से 20 जैन तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया। इसी कारण यह पर्वत आध्यात्मिक जागृति, आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र माना जाता है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु गहन भक्ति के साथ कठिन यात्रा कर इस पावन तीर्थ की आराधना करते हैं। ऐसे पवित्र स्थलों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ पर्वत न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता को संजोता है, बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध वातावरण भी प्रदान करता है। स्वच्छता, प्रकृति और आध्यात्मिकता के प्रति सम्मान का प्रतीक है तथा जैन धर्म के अहिंसा और पवित्रता के संदेश को भी जीवंत करती है। स्वच्छ वातावरण भावी पीढ़ियों को भी इस यात्रा को गर्व और श्रद्धा के साथ करने हेतु प्रेरित करेगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, “सबसे अधिक लोगों द्वारा पर्वत को स्वच्छ रखने की शपथ” (Most People Pledged to Keep Mountain Clean) का विश्व रिकॉर्ड प्रयास फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज, इंटरनेश...

हजारों युवाओं ने एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के समक्ष राष्ट्रध्वज के सम्मान की शपथ ली, बना विश्व रिकॉर्ड

     शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती के अवसर पर हरियाणा के गोहाना (Guhana,  Haryana) में देशभक्ति का एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहाँ हजारों युवाओं ने एक स्वर में राष्ट्रध्वज के सम्मान की शपथ ली। यह आयोजन शहीद भगत सिंह के अदम्य साहस, बुद्धिमत्ता और बलिदान को नमन करने के साथ-साथ नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जगाने का प्रतीक बना। इस अवसर पर "शहीद भगत सिंह ब्रिगेड" (Shaheed Bhagat Singh Brigade) के तत्वावधान में एक विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया गया जिसमें सर्वाधिक लोगों द्वारा देश की शान, तिरंगे के सम्मान की शपथ लेने वाले का रिकॉर्ड स्थापित हुआ। शहीद भगत सिंह ब्रिगेड और श्री यादविंदर सिंह संधू जी यह विश्व रिकॉर्ड शहीद भगत सिंह ब्रिगेड द्वारा किया गया, जो देशभर में देशभक्ति, शहीदों के आदर्शों और राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहन देने के लिए कार्यरत संगठन है। इस ब्रिगेड की स्थापना और नेतृत्व श्री यादविंदर सिंह संधू (Mr. Yadvinder Singh Sandhu, Founder, Shaheed Bhagat Singh Brigade) द्वारा किया गया है, जो शहीद भगत सिंह के पारिवारिक वंशज हैं। श्री संधू लगातार युवाओं को प्रेरित करन...

बिहू नृत्य स्पिन्स से असम की बेटी दिदृक्षा सोनवाल ने रचा विश्व रिकॉर्ड

मुंबई में कार्यरत असम की युवा इंजीनियर दिदृक्षा सोनवाल (Didriksha Sonowal) ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (GBWR) में नाम दर्ज कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने “30 सेकंड में सर्वाधिक बिहू नृत्य स्पिन्स (Bihu dance spins)” का रिकॉर्ड अपने नाम किया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Golden Book of World Records) द्वारा जारी प्रमाणपत्र में कहा गया है कि 27 अगस्त 2025 को ठाणे (महाराष्ट्र) में प्रदर्शित इस आयोजन में दिदृक्षा ने 72 स्पिन्स कर यह विश्व रिकॉर्ड कायम किया। बिहू: असम की पहचान बिहू असम की संस्कृति का हृदय है। ढोल की थाप और लयबद्ध घूमाव से सजा यह नृत्य अब वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान दर्ज करा चुका है। दिदृक्षा ने कहा-“मेरे लिए यह सिर्फ नृत्य नहीं, बल्कि असम की संस्कृति को दुनिया तक पहुँचाने का माध्यम है। काम और जुनून के बीच संतुलन बनाकर भी संस्कृति को गौरव दिलाया जा सकता है।” मुंबई की कार्यसंस्कृति और उपलब्धि सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वर्तमान में मुंबई के कंस्ट्रक्शन केमिकल क्षेत्र में कार्यरत दिदृक्षा ने कठिन पेशेवर दिनचर्या के बावजूद इस रिकॉर्ड को हासिल किया। उनकी यह उपलब्...