Skip to main content

गोल्डन स्पिन गर्ल अनन्या श्रीवास्तव ने 2306 कथक स्पिन कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

 ‘कथयति य: स कथन’ अर्थात् जो कथन करे वह कथक है। कथक नृत्य भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो अपनी गंभीरता, शृंगार, और आकर्षक अंगभंगी के लिए प्रसिद्ध है। इसे नाट्यशास्त्र के मूल्यांकन के रूप में मान्यता प्राप्त है और यह एक कठिन, न्यायिक और अद्यतित नृत्य रूप है जो गतिशीलता, गति और अभिव्यक्ति में एक अद्वितीय रंग भर देता है। कथक नृत्य न केवल एक दृश्यात्मक कला है, बल्कि यह एक कथावस्तु भी है जो भारतीय मानसिकता, संस्कृति और धार्मिकता को प्रदर्शित करती है। इसका लक्ष्य दर्शकों को रंगमंच पर एक यात्रा पर ले जाना है, जहां उन्हें आध्यात्मिकता, भक्ति और सुंदरता का अनुभव होता है। यह नृत्य कला गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से प्रचलित हुई है और सालों के अभ्यास, समर्पण और तत्परता के साथ प्रदर्शन की जाती है। कथक नृत्य अपने ताल-राग-लय और मुद्राओं के माध्यम से एक कहानी को व्यक्त करता है, जो दर्शकों के मन को आकर्षित करती है और उन्हें आकर्षित करती है। कथक चक्कर एक नृत्य तकनीक है जो कथक नृत्य में प्रयोग होती है। कथक नृत्य में "कथक चक्कर" एक विशेष नृत्यांग (नृत्य के अंग) होता है जो नृत्य के समय नृत्यांग को घूमने के लिए उपयोग किया जाता है। यह चक्कर एक प्रकार का स्पिन होता है जिसमें नृत्यांग स्वतः घूमकर अपने स्थान पर वापस लौटता है।

सुल्तानपुर, उत्तरप्रदेश गोल्डन स्पिन गर्ल के नाम से प्रसिद्ध अनन्या श्रीवास्तव (Ananya Shrivastava) ने महज 6 वर्ष की उम्र में कथक के क्षेत्र में एक ऐसा कारनामा कर दिखाया जिससे उनका नाम हमेशा के लिए स्वर्णिम अक्षरों से लिख दिया गया। नन्ही अनन्या ने एक कार्यक्रम के दौरान  दो हजार तीन सौ छः (2306) कथक स्पिन (चक्कर) करके एक विश्व इतिहास रच दिया उन्होंने यह कारनामा मात्र 24 मिनट की समयावधि में कर दिखाया। बेहद सामान्य परिवार में जन्मी अनन्या पिता आशीष और मां सन्ध्या की इकलौती बेटी है, अनन्या के पिता आशीष एक प्राइवेट कंपनी से काम कर जीविका चलाते हैं। मां सन्ध्या श्रीवास्तव एक प्राइवेट स्कूल में डांस टीचर हैं उनकी मां ही उनकी प्रथम गुरू है। 

अनन्या श्रीवास्तव ने 2014 में दुर्गा पूजा के दौरान शहर के दुर्गा देवी पाडंल में नृत्य कर सबको आश्चर्य में डाल दिया था। उस समय वह महज ढाई साल की थी, इसके बाद वह निरंतर कथक नृत्य के क्षेत्र में आगे बढ़ती चली गई। साल 2017 में इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र नई दिल्ली में स्पेशल विनर के तौर पर नवाजा गया। उनका चयन सोनी सुपर डांस प्रतियोगिता में भी हुआ। इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के 06 बच्चों में वह प्रथम रही। जीटीवी की डीआईडी (डांस इण्डिया डांस) लिटिल मास्टर में अनन्या स्टूडियो राउंड मुंबई तक पहुंची थी। इसके बाद 15 अगस्त 2018 के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में उसने 24 मिनट में 2306 चक्कर पूरा कर कथक चक्र का रेकॉर्ड बनाया।अनन्या की प्रतिभा देख आश्चर्यचकित डीएम विवेक ने प्रशस्ति पत्र देकर वर्ल्ड रेकॉर्ड में आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। अनन्या के माता पिता द्वारा इस नृत्य के रिकॉर्ड किये गये विडियो को हासिल कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स के लिए आवेदन किया, विडियो की बारीकी से जाँच करने के बाद गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स के द्वारा अनन्या के इस अद्भुत कार्य को एक वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कर लिया गया।

गोल्डन गर्ल नन्ही नृत्यांगना अनन्या श्रीवास्तव के लिए रोटरी क्लब द्वारा शहर के पं. रामनरेश त्रिपाठी सभागार में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।जहाँ कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के इंडिया हेड श्री अलोक कुमार जी (Mr. Alok Kumar, India Head, GBWR) द्वारा अधिकारिक रूप से वर्ल्ड रिकॉर्ड की घोषणा करते हुए अनन्या को "Largest Kathak Spin Marathon" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित करते हुए कहा की अनन्या सिर्फ सुल्तानपुर की ही नहीं देश-दुनिया की प्रतिभा हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिस उम्र में बच्चे टेबल (पहाड़े) और एबीसीडी सीखते हैं उस उम्र में अनन्या ने वर्ल्ड रिकार्ड बना दिया। इसी दौरान कार्यक्रम के आयोजक रोटरी क्लब के अध्यक्ष नीरव पाण्डेय व सचिव रमेश चन्द्र अदि ने नन्ही प्रतिभा को 51,000 रूपये की धनराशी पुरुस्कार स्वरुप प्रदान की गयी। कार्यक्रम में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम सदर प्रणय सिंह (Sadar Pranay Singh, SDM) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे एवं रोटरी क्लब के संदीप, सागर तिवारी, वरिष्ठ रोटरियन रवि श्रीवास्तव, नैय्यर रजा जैदी, डॉ. डीएस मिश्रा, आशीष श्रीवास्तव, जितेंद्र श्रीवास्तव, डा. रवि त्रिपाठी आदि के साथ रोटरी महिला क्लब की सभी सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री राजवीर श्रीवास्तव जी द्वारा किया गया।

न्यूज़ एवं मीडिया -
















6 साल की गोल्डन गर्ल अनन्या ने रचा इतिहास, 24 मिनट में लगाये 2306 राउंड

सुलतानपुर: 24 मिनट में कथक का 2306 राउंड पूरा कर छह साल की अनन्या ने बनाया वर्ल्ड रेकॉर्ड

सुल्तानपुर में समारोह पूर्वक गोल्डन गर्ल अनन्या का हुआ सम्मान

Comments

Popular posts from this blog

सम्मेद शिखरजी, फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के स्वच्छता अभियान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज

पारसनाथ पर्वत पर स्थित सम्मेद शिखरजी (Sammed Shikhar, Parasnath) जैन समुदाय के लिए सबसे पवित्र तीर्थों (Jain pilgrimage) में से एक है। यह वह तपोभूमि है जहाँ 24 में से 20 जैन तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया। इसी कारण यह पर्वत आध्यात्मिक जागृति, आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र माना जाता है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु गहन भक्ति के साथ कठिन यात्रा कर इस पावन तीर्थ की आराधना करते हैं। ऐसे पवित्र स्थलों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ पर्वत न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता को संजोता है, बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध वातावरण भी प्रदान करता है। स्वच्छता, प्रकृति और आध्यात्मिकता के प्रति सम्मान का प्रतीक है तथा जैन धर्म के अहिंसा और पवित्रता के संदेश को भी जीवंत करती है। स्वच्छ वातावरण भावी पीढ़ियों को भी इस यात्रा को गर्व और श्रद्धा के साथ करने हेतु प्रेरित करेगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, “सबसे अधिक लोगों द्वारा पर्वत को स्वच्छ रखने की शपथ” (Most People Pledged to Keep Mountain Clean) का विश्व रिकॉर्ड प्रयास फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज, इंटरनेश...

हजारों युवाओं ने एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के समक्ष राष्ट्रध्वज के सम्मान की शपथ ली, बना विश्व रिकॉर्ड

     शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती के अवसर पर हरियाणा के गोहाना (Guhana,  Haryana) में देशभक्ति का एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहाँ हजारों युवाओं ने एक स्वर में राष्ट्रध्वज के सम्मान की शपथ ली। यह आयोजन शहीद भगत सिंह के अदम्य साहस, बुद्धिमत्ता और बलिदान को नमन करने के साथ-साथ नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जगाने का प्रतीक बना। इस अवसर पर "शहीद भगत सिंह ब्रिगेड" (Shaheed Bhagat Singh Brigade) के तत्वावधान में एक विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया गया जिसमें सर्वाधिक लोगों द्वारा देश की शान, तिरंगे के सम्मान की शपथ लेने वाले का रिकॉर्ड स्थापित हुआ। शहीद भगत सिंह ब्रिगेड और श्री यादविंदर सिंह संधू जी यह विश्व रिकॉर्ड शहीद भगत सिंह ब्रिगेड द्वारा किया गया, जो देशभर में देशभक्ति, शहीदों के आदर्शों और राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहन देने के लिए कार्यरत संगठन है। इस ब्रिगेड की स्थापना और नेतृत्व श्री यादविंदर सिंह संधू (Mr. Yadvinder Singh Sandhu, Founder, Shaheed Bhagat Singh Brigade) द्वारा किया गया है, जो शहीद भगत सिंह के पारिवारिक वंशज हैं। श्री संधू लगातार युवाओं को प्रेरित करन...

बिहू नृत्य स्पिन्स से असम की बेटी दिदृक्षा सोनवाल ने रचा विश्व रिकॉर्ड

मुंबई में कार्यरत असम की युवा इंजीनियर दिदृक्षा सोनवाल (Didriksha Sonowal) ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (GBWR) में नाम दर्ज कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने “30 सेकंड में सर्वाधिक बिहू नृत्य स्पिन्स (Bihu dance spins)” का रिकॉर्ड अपने नाम किया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Golden Book of World Records) द्वारा जारी प्रमाणपत्र में कहा गया है कि 27 अगस्त 2025 को ठाणे (महाराष्ट्र) में प्रदर्शित इस आयोजन में दिदृक्षा ने 72 स्पिन्स कर यह विश्व रिकॉर्ड कायम किया। बिहू: असम की पहचान बिहू असम की संस्कृति का हृदय है। ढोल की थाप और लयबद्ध घूमाव से सजा यह नृत्य अब वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान दर्ज करा चुका है। दिदृक्षा ने कहा-“मेरे लिए यह सिर्फ नृत्य नहीं, बल्कि असम की संस्कृति को दुनिया तक पहुँचाने का माध्यम है। काम और जुनून के बीच संतुलन बनाकर भी संस्कृति को गौरव दिलाया जा सकता है।” मुंबई की कार्यसंस्कृति और उपलब्धि सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वर्तमान में मुंबई के कंस्ट्रक्शन केमिकल क्षेत्र में कार्यरत दिदृक्षा ने कठिन पेशेवर दिनचर्या के बावजूद इस रिकॉर्ड को हासिल किया। उनकी यह उपलब्...