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रायगढ़ पुलिस विभाग द्वारा यातायात के नियमों के प्रति जागरूकता हेतु आयोजित कार्यशाला गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज

समय ने साथ-साथ आवागमन एवं परिवहन की सुगमता हेतु लोग में निजी वाहनों का महत्त्व बहुत अधिक हो गया हैं। जिस कारण सड़कों पर वाहनों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं। सड़कों पर होने वाले हादसों और दुर्घटनाओं से लोगों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा कुछ विशेष नियमों एवं कानूनों को निर्माण कर लागू किया जाता हैं जिन्हें यातायात नियम कहते हैं। यातायात के यह नियम सड़क सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग हैं इन नियमों को सड़क पर चल रहें लोगों और वाहनों की सुरक्षा को विशेष ध्यान रखकर बनाया गया हैं। सड़क सुरक्षा हेतु बनाये गए इन नियमों के बावजूद भी प्रायः लोग सड़क हादसों का शिकार होकर अपने प्राण गवां देते हैं। इन दुर्घटनाओं की पीछे का विशेष कारण लोगों की लापरवाही और यातायात के नियमों का सही ढंग से पालन न करना ही पाया गया हैं। लोगो को इन दुर्घटनाओं से बचाने एवं यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस एवं प्रशासन द्वारा समय-समय पर शिविरों और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता हैं।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में यातायात के नियमों के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया गया। जिला पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल जी (Mr. Rajesh  Agrawal, S.P. Raigarh) के मार्गदर्शन में  पुलिस प्रशासन द्वारा जिले भर के स्कूलों में  कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। जिले भर के 205 स्कूलों में आयोजित इन कार्यशालों के माध्यम से 70,000 हज़ार से भी अधिक विद्यार्थियों को यातायात के नियमों के विषय में शिक्षा देकर उन्हें जागरूक किया गया। सर्वाधिक स्थानों पर एक समय पर यातायात के नियमों के प्रति शिक्षित एवं जागरूक के लिए कार्यशालाऐं आयोजित कर रायगढ़ पुलिस विभाग (Raigarh Police Department) द्वारा विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया। जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में "Largest Session on Traffic Education and Awareness" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकार्ड्स के रूप में दर्ज किया गया। 

रायगढ़ जिले में यातायात के नियमों के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए आयोजित कार्यशालाओं में यातायात के नियमों की जानकारी देने के साथ ही विद्यार्थियों कों उनके परिजनों को वाहन चलते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने का भी संकल्प करवाया गया। इस कार्यशाला के दौरान बच्चों को यातायात के नियमों की महत्तता एवं इनके पालन न करने से होने वाले परिणामों के विषय में जानकारी साझा की गयी। यातायात के नियमों में लापरवाही करने से रोजाना होने वाले हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों को भी विद्यार्थियों के साथ साझा किया गया। इन आंकड़ों से प्रभावित विद्यार्थियों द्वारा सदैव यातायात के नियमों का पालन करने की शपथ भी ली गई।

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