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हस्ताक्षर देखकर शारीरिक समस्या बताने वाले दीपक राठौर का नाम गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज

हर व्यक्ति अपने-अपने तरीके से सिग्नेचर या हस्ताक्षर करता है। सिग्नेचर भले ही आप अपनी उंगलियों से करते हों लेकिन कहीं ना कहीं इसका संबंध आपके दिमाग से होता है। हर सिग्नेचर व्यक्ति की पहचान और उसके व्यक्तित्व के बारे में बताता है। जिस प्रकार एक नन्हा सा बीज स्वयं के अन्दर एक विशालकाय वृक्ष को छिपाए रखता हैं ठीक उसी तरह किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर भी देखने में भले ही छोटे लगते हों किन्तु विश्लेषण करने पर पर वे व्यक्ति के व्यक्तित्व की संपूर्ण कहानी कहने में सक्षम होते हैं। केवल हस्ताक्षरों के सटीक विश्लेषण से ही, किसी व्यक्ति के चरित्र, स्वभाव, मित्रता, दांपत्य,सफलता, व्यवसाय आदि के विषय में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती हैं। हस्ताक्षर विश्लेषण का विज्ञान भारत के ज्योतिषशास्त्र का ही एक अभिन्न हिस्सा हैं। आज के आधुनिक युग में हैंडराइटिंग एवं हस्ताक्षर का विश्लेषण करने वालों को ग्राफोलॉजिस्ट कहते हैं। 

इंदौर, मध्यप्रदेश के निवासी श्री दीपक राठौर जी (Mr. Deepak Rathaur) ऐसी ही अद्भूत प्रतिभा के धनि हैं जो कि हस्ताक्षर विश्लेषण के माध्यम से व्यक्ति की शारीरिक, आर्थिक, मानसिक स्थिति का सफलतापूर्वक विश्लेषण कर उनकी समस्याओं का समाधान प्रदान करते हैं। हस्ताक्षर विश्लेषण में पारंगत श्री दीपक राठौर जी की विशेषता यह हैं की वे व्यक्ति द्वारा किये गए हस्ताक्षर का विश्लेषण कर उसके माध्यम से हस्ताक्षरकर्ता के स्वास्थ्य से सम्बंधित समस्यों के विषय में सटीक जानकारी प्रदान कर देते हैं और भविष्य में होने वाली स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं बचने के लिए हस्ताक्षर में उचित परिवर्तन हेतु परामर्श भी देते है। हस्ताक्षर विश्लेषण के माध्यम स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के निदान करने की इस अद्भूत प्रतिभा के लिए श्री दीपक राठौर जी का नाम गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) में "Health Diagnosis Through Signature Analysis" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। देश की कई प्रसिद्ध एवं जानी-मानी हस्तियां भी दीपक जी के इस अद्भुत ज्ञान से लाभान्वित हो चुकी हैं।

श्री दीपक राठौर जी हस्ताक्षर विश्लेषण के साथ-साथ हस्तरेखा एवं ज्योतिष शास्त्र में भी पारंगत हैं, उनकी इस काबिलियत से जब लोग परिचित होने लगे तो सभी आकर अपनी समस्याओं को जानने की कोशिश करने लगे, ताकि उसका निवारण किया जा सके। जब सभी को आपके पास आने से प्रतिफल एवं सुकून मिलने लगा तो आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी। अपनी इस साधना का दीपक जी ने लोगों के हितार्थ प्रयोग करना प्रारंभ किया देखते ही देखते भारी संख्या में लोग आने लगे और लाभान्वित होने लगे धीरे-धीरे उनकी ख्याति बढ़ती गई और आज हस्ताक्षर के ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों में आप की गणना होती है।

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