सर्वाधिक हिमोग्लोबिन टेस्ट कर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में नाम दर्ज
शुजालपुर, मध्यप्रदेश में 12 अप्रेल को 6 घंटो में 19,102 हिमोग्लोबिन टेस्ट कर वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया, जिसे गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) में दर्ज किया गया। जिला कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल जी (Mr. Kishor Kumar Kanyal, IAS ) के निर्देशन में एनीमिया मुक्त भारत की थीम पर शुजालपुर में लाड़ली बहना महासम्मेलन का आयोजन किया गया। महासम्मलेन में शामिल हुए महिलाओं एवं पुरुषों के हिमोग्लोबिन टेस्ट हेतु प्रत्येक सेक्टर में काउंटर बनाये गए, जहां सम्मलेन में शामिल हुए 10,117 महिलाओं एवं 8,985 पुरुषों ने अपना हिमोग्लोबिन टेस्ट करवाया। एक ही स्थान पर एक दिन में इतनी अधिक संख्या में हिमोग्लोबिन टेस्ट किये जाने पर इस सम्मलेन को गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में "Most Haemoglobin Tests Performed in Six Hours" के शीर्षक के साथ एक वर्ल्ड रिकॉर्ड के रुप में दर्ज किया गया, जिसका सर्टिफिकेट 27 अगस्त 2023 को सभी साक्ष्य एवं प्रमाणों के सत्यापन के बाद गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई जी (Dr. Manish Vishnoei, Asia Head, GBWR) द्वारा प्रदान किया गया।
शुजालपुर में आयोजित इस लाड़ली बहना महासम्मेलन में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी (Mr. Shivraj Singh Chouhan) विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित रहे थे। कार्यक्रम में शुजालपुर विधान सभा क्षेत्र के विधायक श्री इंद्र सिंह परमार () जी के विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा। महासम्मेलन में विशिष्ठ रूप से उपस्थित जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री राजू निदारिया जी () ने बताया की हीमोग्लोबिन टेस्ट आपके लाल खून कोशिकाओं में पाए जाने वाले हीमोग्लोबिन प्रोटीन की मात्रा को मापता है। हीमोग्लोबिन परीक्षण के परिणामों को प्रति डेसीलीटर ग्राम (g/ dL) खून या ग्राम प्रति लीटर (G / L) खून में मापा जाता है। यह एकमात्र पैरामीटर है जो इस परीक्षण के तहत कवर किया गया है। यह टेस्ट आनुवंशिक रक्त रोगों, एनीमिया और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों का पता लगाने में मदद करता है। हीमोग्लोबिन (Haemoglobin) लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है, और यह आपके शरीर में ऑक्सीजन ले जाने में मदद करता है। यदि आपके शरीर में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं होगा, तो आपको ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलेगा। यह थकान (tiredness) के साथ-साथ कुछ अलग लक्षण पैदा कर सकता है।
शुजालपुर में आयोजित लाड़ली बहना महासम्मेलन में हुए इस टेस्ट से लोगो को अपने रक्त में उपस्थित हीमोग्लोबिन की मात्रा की जानकारी प्राप्त होने के साथ-साथ आने वाले भविष्य में होने वाली बीमारीयों से भी सावधानी की जानकारी रहेगी। इस कारण लोग आने वाली बीमारी की आशंका से स्वयं को सुरक्षित कर सकेंगे।
पारसनाथ पर्वत पर स्थित सम्मेद शिखरजी (Sammed Shikhar, Parasnath) जैन समुदाय के लिए सबसे पवित्र तीर्थों (Jain pilgrimage) में से एक है। यह वह तपोभूमि है जहाँ 24 में से 20 जैन तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया। इसी कारण यह पर्वत आध्यात्मिक जागृति, आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र माना जाता है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु गहन भक्ति के साथ कठिन यात्रा कर इस पावन तीर्थ की आराधना करते हैं। ऐसे पवित्र स्थलों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ पर्वत न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता को संजोता है, बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध वातावरण भी प्रदान करता है। स्वच्छता, प्रकृति और आध्यात्मिकता के प्रति सम्मान का प्रतीक है तथा जैन धर्म के अहिंसा और पवित्रता के संदेश को भी जीवंत करती है। स्वच्छ वातावरण भावी पीढ़ियों को भी इस यात्रा को गर्व और श्रद्धा के साथ करने हेतु प्रेरित करेगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, “सबसे अधिक लोगों द्वारा पर्वत को स्वच्छ रखने की शपथ” (Most People Pledged to Keep Mountain Clean) का विश्व रिकॉर्ड प्रयास फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज, इंटरनेश...
शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती के अवसर पर हरियाणा के गोहाना (Guhana, Haryana) में देशभक्ति का एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहाँ हजारों युवाओं ने एक स्वर में राष्ट्रध्वज के सम्मान की शपथ ली। यह आयोजन शहीद भगत सिंह के अदम्य साहस, बुद्धिमत्ता और बलिदान को नमन करने के साथ-साथ नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जगाने का प्रतीक बना। इस अवसर पर "शहीद भगत सिंह ब्रिगेड" (Shaheed Bhagat Singh Brigade) के तत्वावधान में एक विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया गया जिसमें सर्वाधिक लोगों द्वारा देश की शान, तिरंगे के सम्मान की शपथ लेने वाले का रिकॉर्ड स्थापित हुआ। शहीद भगत सिंह ब्रिगेड और श्री यादविंदर सिंह संधू जी यह विश्व रिकॉर्ड शहीद भगत सिंह ब्रिगेड द्वारा किया गया, जो देशभर में देशभक्ति, शहीदों के आदर्शों और राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहन देने के लिए कार्यरत संगठन है। इस ब्रिगेड की स्थापना और नेतृत्व श्री यादविंदर सिंह संधू (Mr. Yadvinder Singh Sandhu, Founder, Shaheed Bhagat Singh Brigade) द्वारा किया गया है, जो शहीद भगत सिंह के पारिवारिक वंशज हैं। श्री संधू लगातार युवाओं को प्रेरित करन...
मुंबई में कार्यरत असम की युवा इंजीनियर दिदृक्षा सोनवाल (Didriksha Sonowal) ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (GBWR) में नाम दर्ज कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने “30 सेकंड में सर्वाधिक बिहू नृत्य स्पिन्स (Bihu dance spins)” का रिकॉर्ड अपने नाम किया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Golden Book of World Records) द्वारा जारी प्रमाणपत्र में कहा गया है कि 27 अगस्त 2025 को ठाणे (महाराष्ट्र) में प्रदर्शित इस आयोजन में दिदृक्षा ने 72 स्पिन्स कर यह विश्व रिकॉर्ड कायम किया। बिहू: असम की पहचान बिहू असम की संस्कृति का हृदय है। ढोल की थाप और लयबद्ध घूमाव से सजा यह नृत्य अब वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान दर्ज करा चुका है। दिदृक्षा ने कहा-“मेरे लिए यह सिर्फ नृत्य नहीं, बल्कि असम की संस्कृति को दुनिया तक पहुँचाने का माध्यम है। काम और जुनून के बीच संतुलन बनाकर भी संस्कृति को गौरव दिलाया जा सकता है।” मुंबई की कार्यसंस्कृति और उपलब्धि सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वर्तमान में मुंबई के कंस्ट्रक्शन केमिकल क्षेत्र में कार्यरत दिदृक्षा ने कठिन पेशेवर दिनचर्या के बावजूद इस रिकॉर्ड को हासिल किया। उनकी यह उपलब्...
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