Skip to main content

AKSA इंटरनेशनल ने एवियेशन शिक्षा एवं प्रशिक्षण देकर रचा विश्व कीर्तिमान, गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज

एवियेशन शिक्षा आमतौर पर विमानन सिद्धांतों, विनियमों, प्रक्रियाओं और उद्योग-विशेष ज्ञान से संबंधित शैक्षणिक पाठ्यक्रम और सूचनाएं शामिल करती है। यह विश्वविद्यालय, कॉलेज, फ्लाइट स्कूल या विशेष विमानन प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रदान की जा सकती है। पाठ्यक्रम आभिषेक विज्ञान, विमान प्रणाली, विमानन कानून, नेविगेशन, मौसम विज्ञान, विमानन प्रबंधन और विमानन में मानव कारकों जैसे विषयों को कवर कर सकता है। एवियेशन प्रशिक्षण, विमानन के व्यावहारिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करता है और विशेष विमानन भूमिकाओं के लिए आवश्यक कौशलों का विकास करने के लिए हाथों पर अनुभव प्रदान करता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम चयनित विमानन क्षेत्र और करियर मार्ग पर निर्भर कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, पायलटों के लिए उड़ान प्रशिक्षण, टेक्नीशियन के लिए विमान रखरखाव प्रशिक्षण, वायु यातायात नियंत्रण प्रशिक्षण और केबिन क्रू प्रशिक्षण शामिल हो सकते हैं।

AKSA इंटरनेशनल भारत देश का एक प्रमुख एविएशन प्रशिक्षण संगठन है जो विमानन क्षेत्र में व्यापक शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करता है।  पिछले नौ वर्षों से यह अपने उच्च गुणवत्ता के प्रशिक्षण के लिए पहचाना जाता है जो विमानन उद्योग में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करता हैं। हाल ही में दिनांक 16 जून 2023 को AKSA इंटरनेशनल, इंदौर द्वारा संस्था के अध्यक्ष श्री राहुल कुमार पाण्डेय जी (Mr. Rahul Kumar Pandey, Chairman, AKSA International) के मार्गदर्शन में  एवियेशन शिक्षा एवं प्रशिक्षण के सन्दर्भ में  पर एक सत्र लिया गया जिसमे बहुत लोगो ने भाग लिया। इस सत्र के दौरान विमानन के साथ-साथ, अक्सा इंटरनेशनल द्वारा प्रतिभागियों को आतिथ्य, ग्राहक सेवा, यात्रा और पर्यटन के क्षेत्र में शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया। सर्वाधिक लोगो द्वारा भाग लिए जाने पर इस सत्र को एक वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया जिसके लिए संस्थान के अध्यक्ष श्री राहुल कुमार पाण्डेय जी को "Largest Session on Aviation Education and Training" के शीर्षक के साथ गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई जी (Dr. Manish Vishnoei, Asia Head, GBWR) द्वारा वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट, बैच एवं मैडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। 

AKSA इंटरनेशनल दुनिया का पहला ऐसा प्रशिक्षण संस्थान है जहां ओरिएंटेशन प्रोग्राम के लिए एक फ्लाइट का उपयोग किया गया। 07 अगस्त, 2022 को संस्थान के अध्यक्ष श्री राहुल कुमार पाण्डेय जी के मार्गदर्शन में संस्थान के 23 नए विद्यार्थियों ने फ्लाईट नंबर S9402 (फ्लाईबिग) में इंदौर से गोंदिया तक उड़ान भरी सफ़र दौरान ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें नए बैच के छात्रों ने हिस्सा लिया। इस दौरान नवीन विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रसारित की गई। यह पहली बार था की किसी संस्थान द्वारा फ्लाईट में ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया हो। संस्थान द्वारा किये गए इस इस विशिष्ट ओरिएंटेशन प्रोग्राम के लिए "First Institute to Organize Orientation Program in Flight" शीर्षक साथ संस्थान का नाम गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।

AKSA इंटरनेशनल एवियेशन शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञता के लिए व्यापक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और कार्यक्रम प्रदान करता है। इनमें पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम, विमान रखरखाव प्रशिक्षण, वायु यातायात नियंत्रण प्रशिक्षण, विमानन प्रबंधन के कोर्स, और केबिन क्रू प्रशिक्षण शामिल हैं। संगठन का ध्यान छात्रों को उनकी चयनित विमानन भूमिकाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और प्रतिस्पर्धा क्षमता से संपन्न करने पर है।

न्यूज़ एवं मीडिया - 


https://newspositive.co.in/ AKSA International creates world record by providing aviation education and training, name registered in Golden Book of World Records




Comments

Popular posts from this blog

इस्कॉन रायपुर ने जन्माष्टमी पर बनाया विश्व रिकॉर्ड: 10,000 किलो सामक चावल की खिचड़ी का भव्य प्रसाद बनाया

भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्मोत्सव को भक्ति और भव्यता के साथ मनाते हुए, इस्कॉन रायपुर (ISKCON) ने एक अद्भुत विश्व रिकॉर्ड बनाया जन्माष्टमी के पावन अवसर पर यहाँ 10,000 किलो सामक चावल (सांवा/बरनयार्ड मिलेट) की खिचड़ी तैयार की गई, जिसने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। यह विशाल प्रसाद-निर्माण भक्ति सिद्धार्थ स्वामीजी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। विश्व रिकॉर्ड की पूरी प्रक्रिया का संयोजन श्री तमाल कृष्ण दासजी ने किया, जिन्होंने बताया कि भक्ति सिद्धार्थ स्वामीजी के भाव को इतनी बड़ी मात्रा में सामक चावल की खिचड़ी तैयार कर इस्कॉन के संतों, ब्रम्हचारीयो, समिति तथा सैकड़ों स्वयंसेवकों ने साथ मिलकर इस महायज्ञ को सफल बनाया। सामक चावल, जिसे विशेषकर व्रत के अवसर पर खाया जाता है, को खिचड़ी के रूप में तैयार करना न केवल परंपरा का सम्मान है बल्कि स्वास्थ्य और सात्विकता का संदेश भी है। आयोजन के दौरान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ( Golden Book of World Records ) के एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई जी, श्रीमती सोनल शर्मा जी एवम GBWR टीम सहित उपस्थित रहे। GBWR टीम ने सुबह से ही खिचड़ी की तैयारी को बा...

विश्व उमिया धाम मंदिर ने रचा इतिहास : धार्मिक अवसंरचना हेतु सबसे बड़ा राफ्ट कास्टिंग कार्य

पी. एस. पी. प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (PSP Projects Limited) ने निर्माण क्षेत्र की अब तक की सबसे कठिन और महत्वाकांक्षी उपलब्धियों में से एक को साकार कर इतिहास रच दिया। कंपनी ने अहमदाबाद स्थित विश्व उमिया धाम मंदिर (Vishv Umiya Dham Temple) के लिए धार्मिक अवसंरचना हेतु अब तक का सबसे बड़ा राफ्ट कास्टिंग सफलतापूर्वक पूरा किया। इस अद्वितीय उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Golden Book of World Records) द्वारा मान्यता प्रदान की गई। उपलब्धि के आंकड़े ● निरंतर कास्टिंग अवधि: 54 घंटे लगातार कार्य ● कंक्रीट की मात्रा: लगभग 24,100 घन मीटर विशेष रूप से तैयार किया गया ECOMaxX M45 लो-कार्बन कंक्रीट ● राफ्ट के आयाम: लगभग 450 फुट × 400 फुट × 8 फुट ● मानव संसाधन एवं उपकरण: 600 से अधिक अभियंता और कुशल श्रमिक, 285 ट्रांजिट मिक्सर तथा 26 बैचिंग प्लांट्स का उत्कृष्ट समन्वय ● जिस संरचना को सहारा देना है: यह कार्य जगत जननी माँ उमिया मंदिर (504 फुट ऊँचा, 1,500 से अधिक धर्म स्तंभों सहित विश्व का सबसे ऊँचा मंदिर) के लिए किया गया। इतना कठिन क्यों था यह कार्य : इतने बड़े पैमाने पर राफ्ट कास्टिंग...

सम्मेद शिखरजी, फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के स्वच्छता अभियान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज

पारसनाथ पर्वत पर स्थित सम्मेद शिखरजी (Sammed Shikhar, Parasnath) जैन समुदाय के लिए सबसे पवित्र तीर्थों (Jain pilgrimage) में से एक है। यह वह तपोभूमि है जहाँ 24 में से 20 जैन तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया। इसी कारण यह पर्वत आध्यात्मिक जागृति, आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र माना जाता है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु गहन भक्ति के साथ कठिन यात्रा कर इस पावन तीर्थ की आराधना करते हैं। ऐसे पवित्र स्थलों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ पर्वत न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता को संजोता है, बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध वातावरण भी प्रदान करता है। स्वच्छता, प्रकृति और आध्यात्मिकता के प्रति सम्मान का प्रतीक है तथा जैन धर्म के अहिंसा और पवित्रता के संदेश को भी जीवंत करती है। स्वच्छ वातावरण भावी पीढ़ियों को भी इस यात्रा को गर्व और श्रद्धा के साथ करने हेतु प्रेरित करेगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, “सबसे अधिक लोगों द्वारा पर्वत को स्वच्छ रखने की शपथ” (Most People Pledged to Keep Mountain Clean) का विश्व रिकॉर्ड प्रयास फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज, इंटरनेश...