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श्रीरामचरितमानस का सर्वाधिक वितरण कर श्री मोहन लाल मंडावी जी ने रचा विश्व कीर्तिमान गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में नाम दर्ज

श्रीरामचरितमानस एक अद्वितीय ग्रन्थ एवं अद्भूत है जो हर मनुष्य जीवन लिए उपयोगी एवं शिक्षाप्रद है। यही कारण है कि वर्षों पहले लिखी गई यह रचना वर्तमान समय में भी पूर्णतः प्रासंगिक है। इसीलिए लोग इसे आज भी बड़े श्रद्धा भाव से पढ़ते-सुनते हैं।  श्रीरामचरितमानस प्रभु श्री राम जी के जीवन पर आधारित एक महाकाव्य है, जिसमें सम्पूर्ण रामकथा को सात काण्डों में प्रस्तुत किया गया है। इन कांडों के नाम हैं – बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किंधाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड और उत्तरकाण्ड। श्रीरामचरितमानस महाकाव्य भक्तिकाल के यशस्वी कवि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित है। श्रीरामचरितमानस का पाठ करने से पारिवारिक एवं सामाजिक समस्याओं को दूर करने की प्रेरणा मिलती है। रामचरितमानस में भले ही रामकथा हो, किन्तु इसका मूल उद्देश्य प्रभु श्री राम जी के चरित्र के माध्यम से नैतिकता एवं सदाचार की शिक्षा देना रहा है।

भारत देश के अयोध्या धाम में श्रीराम मंदिर में जहाँ प्रभु श्री रामलला जी की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी है वहीं भगवान के ननिहाल छत्तीसगढ़ में भी इसके लिए उत्सव सा माहौल है। छत्तीसगढ़ के बलोदा जिले के गुंडरदेही में आयोजित तुलसी प्रतिष्ठान समारोह के दौरान श्रीरामचरितमानस को पूरी प्रतिष्ठा के साथ श्रद्धालुओं को सौपा गया, इस दौरान श्रद्धालुओं श्रीरामचरितमानस को माथे पर रख कर प्रभु श्री राम की जय जयकार की जिससे पूरा आयोजन राममय हो गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी (Mr. Vishnu Dev Say, CM Chhattisgarh) एवं विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह जी (Dr. Raman Singh) उपस्थित रहे। श्रद्दालुओं में श्रीरामचरितमानस वितरण का कार्य कांकेर के सांसद श्री मोहन लाल मंडावी जी (Mr. Mohan Lal Mandavi, Member of Parliament Kanker, CG) द्वारा किया गया। श्री मंडावी जी सन् 2002 से लोगों में श्रीरामचरितमानस के वितरण का कार्य कर रहे है वे अब तक 48000 लोगों को श्रीरामचरितमानस भेंट कर चुके है एवं समारोह के दौरान 3000 लोगो में श्रीरामचरितमानस वितरित कर उन्होंने कुल 51000 श्रीरामचरितमानस का वितरण किया जा चूका हैं। श्रीरामचरितमानस के सर्वाधिक वितरण हेतु श्री मंडावी जी का नाम गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) में "Largest Distribution of Shri Ramcharitmanas" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। वर्ल्ड रिकॉर्ड का आधिकारिक सर्टिफिकेट कार्यक्रम में उपस्थित गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के नेशनल हेड श्री आलोक कुमार जी (Mr. Alok Kumar, National Head, GBWR ) द्वारा श्री मंडावी जी को प्रदान किया गया और कहा कि श्रीरामचरितमानस  के माध्यम से लोगों की जिंदगी बदलने का बड़ा काम श्री मंडावी जी द्वारा किया गया है"। प्रभु श्री राम के आदर्शों से अधिक से अधिक लोग प्रभावित हो जीवन में उनका अनुसरण कर सके इसी उद्देश्य श्री मंडावी जी में श्रीरामचरितमानस का वितरण प्रारंभ किया था। 

तुलसी प्रतिष्ठान समारोह के इस अवसर पर मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने श्री राम की जयकार के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि " मैं कांकेर सांसद श्री मोहन मंडावी को रामायणी सांसद कहूँगा। उन्हें हीरो कहूँगा, उन्होंने मानस वितरण को लेकर बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि श्री मंडावी ने अपना ही नहीं,  छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। उन्होंने 51 हजार परिवारों में मानस पहुंचाने का काम किया है। साथ ही हर घर तुलसी चौरा हो, इसके लिए भी उन्होंने लोगों को प्रोत्साहित किया है। यह बहुत अच्छा काम है। राम चरित मानस के वितरण से बेहतर समाज के निर्माण की दिशा तय होती है, इस महती कार्य एवं गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में नाम दर्ज होने के लिए मैं श्री मंडावी जी को बधाई देता हूँ। कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रावल, पुलिस अधीक्षक जीतेन्द्र यादव, पूर्व सांसद श्री मधुसुदन यादव जी एवं अन्य जनप्रतिनिधि विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में नाम दर्ज होने पर श्री मंडावी जी को शुभकामनायें प्रेषित करते हुए मीडिया प्रभारी श्री उमेश सिंह जी ने बताया की  श्री मंडावी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश, छतीसगढ़ एवं उड़ीसा में सैकड़ों मंडलियाँ गाँव-गाँव जाकर प्रभु श्री राम के चरित्र का संगीतमय गुणगान करते हैं।  

न्यूज़  एवं मीडिया कवरेज:

Video Courtesy: News24 MP & Chhattisgarh


Video Courtesy: IBC24

Video Courtesy: India News

Video Courtesy: News 18 MP







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