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नवरात्रि पर्व में सर्वाधिक कन्याओं का पूजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज




 नवरात्रि (Navratri festival) का पर्व शक्ति की उपासना और श्रद्धा का सबसे बड़ा प्रतीक है। इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर भक्त उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि छोटी बालिकाएँ माँ दुर्गा का साक्षात स्वरूप होती हैं और उनके चरण पूजन, भोजन तथा उपहार देकर सम्मानित करने से घर-परिवार में सुख, समृद्धि और शक्ति का संचार होता है। इस परंपरा से समाज में नारी के सम्मान और उसकी महत्ता का संदेश भी पीढ़ी दर पीढ़ी पहुँचता है।

इसी परंपरा को भव्य स्वरूप देते हुए उज्जैन के विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा जी (Mr. Anil Jain Kaluheda) के मार्गदर्शन में लोकमान्य तिलक गणेश उत्सव महाआयोजन समिति (Lokmany Tilak Ganesh Utsav Mahaayojan Samiti, Ujjain) ने उज्जैन में इतिहास रच दिया। नवरात्रि के छठे दिन, 28 सितंबर 2025 को, शहर के 121 से अधिक स्थानों पर लगभग 25,000 कन्याओं का पूजन किया गया। इस आयोजन का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Golden Book of World Records) की  टीम ने डॉ. मनीष विश्नोई की उपस्थिति में मुआयना किया और इसे विश्व कीर्तिमान घोषित करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी (Dr. Mohan Yadav, Chief Ministe, Madhya Pradesh) की उपस्थिति में श्री कालूहेडा जी को प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्रदान किया। इस अवसर पर जी बी डब्लू आर, एशिया हेड डॉ. मनीष विश्वनोई (डॉ. Manish Vishnoei, Asia Head,  GBWR) ने कहा “उज्जैन ने आज न केवल एक विश्व रिकॉर्ड बनाया है, बल्कि भारत की संस्कृति, आस्था और नारी सम्मान की अनूठी परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। यह आयोजन दर्शाता है  कि सनातन धर्म एवं भारतीय समाज में स्त्री शक्ति की पूजा मात्र एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यह रिकॉर्ड विश्व को भारतीय संस्कृति से अवगत करवाने में महत्पूर्ण  साबित होगा।”

इस ऐतिहासिक आयोजन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कन्या पूजन किया। उन्होंने कहा “उज्जैन ने आज पूरे विश्व को संदेश दिया है कि यहाँ नारी शक्ति का सम्मान सर्वोपरि है। कन्या पूजन के माध्यम से हमने दिखाया कि समाज का वास्तविक बल स्त्री ही है। उज्जैन का यह विश्व रिकॉर्ड केवल शहर या प्रदेश की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था और गौरव का प्रतीक है। आने वाली पीढ़ियाँ इस क्षण को याद रखेंगी और गर्व करेंगी।”




कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए जिनमें विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री उमेशनाथ महाराज, श्री मुकेश टटवाल, श्रीमती कलावती यादव, श्री संजय अग्रवाल, श्री राजेंद्र भारती, श्री शांतिलाल जैन, श्री महेश परियानी, श्री रामविलास गुप्ता, श्री राजेश महेश्वरी, श्री उमेश सेंगर, श्री जगदीश पांचाल सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी और व्यापारी मौजूद थे। सभी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि यह आयोजन न केवल उज्जैन की धार्मिक पहचान को और प्रखर करता है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी विश्व स्तर पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाता है।



यह विश्व रिकॉर्ड उज्जैन की आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का जीवांत उदाहरण है। नवरात्रि के अवसर पर, यह क्षण सम्पूर्ण भारत के लिए गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय बन गया है।

 

https://x.com/DrMohanYadav51/status/1972253612312256945 

*उज्जैन में 25 हजार कन्याओं का हुआ पूजन,बना वर्ल्ड रिकॉर्ड:* सीएम बोले- बेटियों के बिना घर की मर्यादा नहीं; 369 करोड़ के विकास कार्यों किया भूमिपूजन 
https://dainik.bhaskar.com/lFrWW2Ev0Wb 


 


 

 

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