कर्नाटक के उडुपी ज़िले (Udupi, Karnataka) की भरतनाट्यम कलाकार विदुषी दीक्षा वी. (Vidushi Deeksha V.) ने 216 घंटे (नौ दिनों तक) भरतनाट्यम नृत्य कर अपना नाम गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Golden Book of World Records) में दर्ज करने का दावा पेश किया है। यह अद्भुत प्रदर्शन 21 अगस्त से 30 अगस्त 2025 तक उडुपी के जी. शंकर गवर्नमेंट विमेंस फ़र्स्ट ग्रेड कॉलेज, अज्जरकडु में आयोजित हुआ।यह उपलब्धि रत्न संजीव कलामंडल, मणिपाल (Ratna Sanjeev Kalamandal, Manipal) के तत्वावधान में संपन्न हुई और इसे भरतनाट्यम (Bharatnatyam dance) के क्षेत्र में अब तक का सबसे असाधारण और साहसिक प्रयास माना जा रहा है।
वर्ल्ड रिकार्ड सत्यापन और प्रमाणपत्र
गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के एशिया हेड, डॉ. मनीष विश्नोई (Dr. Manish Vishnoei, Asia head, the Golden Book of World Records) ने समापन अवसर पर दीक्षा को "longest performance of Bharatnatyam dance" का प्रोविजनल सर्टिफिकेट (provisional certificate) प्रदान किया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड बनाने का प्रयास सराहनीय है, सभी तकनीकी पहलुओं (जैसे निर्धारित विराम आदि) की पुष्टि के बाद ही अंतिम प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। उन्होंने दीक्षा की प्रशंसा करते हुए कहा कि “दीक्षा एक छोटे स्थान से है, परंतु बड़े सपने देखने की क्षमता रखने वाली है, वह साधारण परिवार से हैं, लेकिन असाधारण सपनों को पूरा करने का साहस रखती हैं। उनकी यह उपलब्धि दुनिया के लिए प्रेरणादायी है।”
धैर्य और संकल्प का अद्भुत उदाहरण
दीक्षा ने बताया कि शुरुआती तीन दिन बेहद कठिन थे, परंतु ईश्वर की कृपा व परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों के समर्थन से उसने मानसिक और शारीरिक थकान पर विजय पाई। कई लोगों ने सुझाव दिया था कि वह प्रदर्शन की अवधि घटा दें, लेकिन उन्होंने दृढ़ संकल्प दिखाते हुए पूरे नौ दिन का लक्ष्य पूरा किया।
हाल ही में जुलाई माह में नृत्यांगना रेमोना एवेट पेरेरा ने 170 घंटे भरतनाट्यम कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। दीक्षा ने उससे प्रेरणा लेते हुए, इसे चुनौती मानते हुए अतिरिक्त 46 घंटे प्रदर्शन कर 216 घंटे का नया वैश्विक मानक स्थापित करने का प्रयास किया है।
सम्मान और प्रशंसा
महत्मा गांधी जिला स्टेडियम, अज्जरकडु में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार (D. K. Shivakumar, Deputy Chief Minister, Karnataka) ने दीक्षा को सम्मानित किया। उन्होंने कहा “दीक्षा का सम्मान करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उनका धैर्य और अनुशासन भरतनाट्यम की आत्मा को साकार करता है।”
परिवार और पृष्ठभूमिदीक्षा ब्रह्मावर तालुक के अरोर गाँव से हैं। उनकी माता शुभाजी और पिता विठल जी बहुत ही साधारण पृष्ठभूमि से आते है। इसके बावजूद दीक्षा ने भरतनाट्यम में स्नातक की डिग्री 'विदुषी' प्राप्त की तथा भरतनाट्यम में ही स्नातकोत्तर 'विद्वत' की पढ़ाई करते हुए भरतनाट्यम को अपनी साधना मानते हुए वह कर दिखाया जो इतिहास बन गया।
दीक्षा के पति राहुल ने गर्व जताते हुए कहा “दीक्षा का भरतनाट्यम के प्रति समर्पण मेरे लिए भी प्रेरणादायी है। उनका अनुशासन और कला के प्रति प्रेम अनुपम है। उनके इस ऐतिहासिक क्षण में साथ खड़े होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”
उडुपी की ऐतिहासिक उपलब्धि
दीक्षा का यह 216 घंटे का भरतनाट्यम प्रदर्शन न केवल एक विश्व रिकॉर्ड का प्रयास है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि जुनून, धैर्य और अनुशासन से असंभव भी संभव हो सकता है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना और समर्थन में श्री जी. शंकर, श्री महेश ठाकुर, श्री यशवंत और श्री रघुपति भट जी सहित उडुपी की विशाल जनता मौजूद रही, जिन्होंने दीक्षा को विश्व रिकॉर्ड बनाने पर दिल खोलकर बधाई दी।
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भरतनाट्यम कलाकार विदुषी दीक्षा वी. ने 216 घंटे नृत्य कर विश्व रिकॉर्ड का दावा प्रस्तुत किया
Bharatanatyam Artist Vidushi Deeksha V. Performs for 216 Hours, Claims World Record
216 ಗಂಟೆಗಳ ಕಾಲ ನಿರಂತರ ಭರತನಾಟ್ಯ ಪ್ರದರ್ಶನ ಮಾಡಿ ಇತಿಹಾಸ ನಿರ್ಮಿಸಿದ ವಿದುಷಿ ದೀಕ್ಷಾ ವಿ.
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