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लोहे के सरिये को गले से मोड़कर बनाया विश्व रिकॉर्ड, गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज


अगर किसी कार्य को लगन और कड़ी मेहनत के साथ किया जाये तो उस कार्य को करने के लिए बढ़ती उम्र भी नहीं रोक सकती हैं, इस पंक्ति को सही साबित करते हुए श्रीमती कांता देवी हुड्डा जी (Kanta Devi Hudda) ने 56 वर्ष की आयु में लोहे के सरिये को गले से मोड़ने का कारनामा कर दिखाया। इस कारनामे को इन्होंने योगा की मदद से और सालो अभ्यास से किया हैं। कांता देवी जी ने अपने पहले ही प्रयास में 9 mm का सरिया मोड़ दिया था परंतु इस बार इन्होंने 12 mm की सरिया मोड़ कर नया इतिहास रचा। कांता देवी जी के इस कारनामे को "गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड (Golden Book of World Records)" में दर्ज किया गया है।

हरियाणा के हिसार (Hisar, Haryan) की रहने वालीं हरियाणवी रिवाज समिति की अध्यक्ष एवं योग शिक्षिका श्रीमती कांता देवी हुड्डा जी ने 04 फरवरी 2024 को सबसे मोटी लोहे की सरिया को "जो 12 mm मोटी और 6.5 फीट लंबी थी" गले से मोड़कर विश्व पटल में नया रिकॉर्ड स्थापित किया। कांता देवी जी ने यह कारनामा योगगुरु श्री अनिल प्रभु जी (Yoga Guru Anil Prabhu) के मार्गदर्शन व निगरानी में करते हुए  स्वर्णिम अक्षरों में अपना नाम "गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड" में अंकित कराया। 

वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के बाद उन्होंने कहा "मुझे बहुत खुशी हो रही हैं, मैं और भी बहुत कुछ कर सकती हूँ, मैं आज 12 बर्षों से इस काम में लगी हुई हूँ। हरियाणवी संस्कृति को बढ़ाने का प्रयास करती हूँ। कई महिलाएं योग से फ़ायदा ले चुकी है, मैं उनको मंच देती हूँ, मोटिवेशन देती हूँ और आगे बढ़ने में मदद करती हूँ। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के नेशनल हेड आलोक कुमार जी (Mr. Alok Kumar, National Head, Golden Book of World Records) ने इस असाधारण कारनामे को करके विश्व रिकॉर्ड बनाने पर कांता देवी हुड्डा जी को बधाई दी l


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Created history by bending iron rod with neck, made world record

लोहे के सरिये को गले से मोड़कर रचा इतिहास, बनाया विश्व रिकॉर्ड 

Golden Book of World Records

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