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भिलाई में 50+ आयु की महिलाओं और पुरुषों के मध्य हुई अनोखी क्रिकेट प्रतियोगिता में बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

क्रिकेट एक विश्व प्रसिद्ध खेल है। भारत में इसकी लोकप्रियता सबसे अधिक है। कहते हैं क्रिकेट युवाओं का खेल है। मगर ऐसी ही रूढ़िवादी विचारधारा को तोड़ते हुए समाजसेविका श्रीमती अंजू साहू जी (Ms. Anju Sahu, Social Worker) ने कुछ ऐसा कर दिखाया है। जिसके वज़ह से उनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Golden Book of World Record) में दर्ज किया गया है। उन्होंने आम पुरुष वर्सेस महिला क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी की उम्र 50 वर्ष से अधिक थी। शक्ति प्रवाह उड़ान एक मंजिल संस्था के माध्यम से अंजू साहू जी पिछले 27 वर्षो से लगातार समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण, खेलकूद एवं संस्कृतिक जागरुकता और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्य भी कर रहीं हैं। 

19 जनवरी 2025 को छत्तीसगढ़ के भिलाई की निवासी समाजसेविका अंजू साहू जी ने इतिहास में पहली बार आम लोगों के लिए महिला वर्सेस पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया। जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी 50 वर्ष से अधिक आयु के थे। जिसके कारण इस प्रतियोगिता को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला। इसे रिकॉर्ड बुक में "आम लोगों के लिए पहला पुरुष वर्सेस महिला क्रिकेट प्रतियोगिता (First Men Versus Women Cricket Tournament For Common People)" के शीर्षक के साथ अंजू साहू जी के नाम दर्ज किया गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड डाँ. मनीष विश्नोई जी (Dr. Manish Vishnoei, Asia Head, GBWR) ने वर्ल्ड रिकाॅर्ड का सर्टिफिकेट अंजू साहू जी को प्रदान किया। 

प्रतियोगिता में अतिथि के रूप में सांसद प्रतिनिधि श्री प्रदीप सिंह जी (Mr. Pradeep Singh), श्री ओमप्रकाश साहू जी (Mr. Omprakash Sahu), श्री कबीर साहू जी (Mr. Kabeer Sahu), श्री राजेश्वर साहू जी (Mr. Rajeshwar Sahu), श्री देवेश साहू जी (Mr. Devesh Sahu), श्रीमती दानेश्वरी साहू जी (Ms. Daneshwari Sahu), श्रीमती जूली गुप्ता जी (Ms. Juli Gupta), श्रीमती ममता जैसवाल जी (Ms. Mamta Jaiswal), श्रीमती शिखा राय जी (Ms. Shikha Rai), और श्रीमती किरण रात्रै जी (Ms. Kiran Ratre) उपस्थित रहीं। प्रतियोगिता को सफल बनाने में संस्था के पदाधिकारी श्रीमती शान्ति साहू जी (Ms. Shanti Sahu), श्री उत्तर मेश्राम जी (Mr. Uttar Meshram), श्रीमती सोमलता हिरवानी जी (Ms. Somlata Hirvani), श्रीमती तारणी साहू जी (Ms. Tarani Sahu), श्रीमती अरुणा जैन जी (Ms. Aruna Jain), का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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