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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 12 घंटे में सबसे ज्यादा सोक पिट बनाकर रचा इतिहास

सोकपिट एक ऐसी भूमि संरचना है, जो वर्षा जल और अपशिष्ट जल को इकट्ठा होने से रोकने के लिए बनाई जाती है। यह भूजल रिचार्ज कर जल संरक्षण में मदद करती है। जल संरक्षण के क्षेत्र में कुछ ऐसा ही कार्य छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला ने भी किया है। कबीरधाम जिले में वर्षा जल संरक्षण के लिए सोकपिट बनाकर एक ही दिन में दो विश्व कीर्तिमान स्थापित किये गये हैं। इस अभियान को 'कैच द रैन (Catch The Rain)' योजना के तहत चलाया गया है। कबीरधाम जिला के इन विश्व कीर्तिमानों को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (Golden Book of World Record) में दर्ज किया गया है।

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला में 20 जून 2025 को जल संरक्षण के एक पहल की शुरुआत की गई। जिसके अंतर्गत जिले के विभिन्न स्थानों में 12 घंटे में हज़ारों की संख्या में सोकपिट बनाने का और जल संरक्षण के लिए लगभग 1 लाख लोगों को शपथ दिलाने का कीर्तिमान बनाया गया है। जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में क्रमशः "वर्षा जल संचयन के लिए 12 घंटे में खोदे गये सबसे अधिक सोकपिट (Most Soak Pits Dug For Rainwater Harvesting In 12 Hours)" एवं "सबसे अधिक लोगों द्वारा जल संरक्षण की शपथ (Most People Pledged For Water Conservation)" के शीर्षक के साथ कबीरधाम जिले के जिला प्रशासन के नाम पर 2 वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। जल संरक्षण के इस पहल की अगुवाई कबीरधाम कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा जी (Mr. Gopal Varma, District Collector, Kabirdham) द्वारा की गई है। इस उपलक्ष्य पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड डाँ. मनीष विश्नोई जी (Dr. Manish Vishnoei, Asia Head, GBWR) मौजूद रहे। उन्होंने कलेक्टर गोपाल वर्मा जी को वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र प्रदान किया।



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