Skip to main content

अध्यात्मिक प्रेरणा पर सबसे अधिक ऑनलाइन वार्ता कर प्रोफेसर (डॉ.) सोहन राज तातेड़ जी का नाम गोल्डन बुक वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज

मोटिवेशन (प्रेरणा) ऐसा शब्द हैं जो स्वयं में ही सकारात्मकता लिए हुए हैं। मोटिवेशन को मन की उस स्थिति के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जब सब कुछ सकारात्मक लगता है और हमारे अन्दर अपना कार्य पूरा करने का एक अलग तरह का उत्साह होता है। जब कोई व्यक्ति किसी क्षेत्र में अपना लक्ष्य तय करता हैं एवं सफलता प्राप्त करने के उद्देश्य से जीतोड़ मेहनत करता हैं। लक्ष्य प्राप्ति के इस सफ़र में उसे अनेको उतार-चड़ाव का सामना करना पड़ता हैं ऐसे समय में वह बहुत बार निराश हो जाता हैं, मन की निराशा को दूर करके अपने लक्ष्य की अग्रसर होने के लिए उसे मोटिवेशन की आवश्यकता होती हैं। उसी प्रकार मन की शांति एवं आतंरिक शक्ति को जाग्रत करने हेतु आध्यात्मिक प्रेरणा (Spiritual motivation) की आवश्यकता होती हैं। आध्यात्मिक प्रेरणा अक्सर व्यक्तियों को उनकी जीवन यात्रा में मार्गदर्शन करने और उनके विचारों, कार्यों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आध्यात्मिक प्रेरणा के माध्यम से व्यक्ति विशेष के अन्दर सकारात्मक उर्जा के प्रवाह, द्रढ़ संकल्प, सकारात्मकता को बढ़ावा देने का कार्य अध्यात्मिक गुरुओं या मोटिवेशन स्पीकर्स के माध्यम से किया जाता हैं।



राजस्थान, बाडमेर जिले के एक छोटे से गाँव कानोर में जन्मे प्रोफेसर (डॉ.) सोहन राज तातेड़ (Prof. Dr. Sohan Raj Tater) जी बचपन से ही मेहनती, अध्ययनशील, सरल, विनम्र और मृदुभाषी रहे हैं। विद्यार्थी जीवन में डॉ. तातेड़ जी ने एक मेधावी छात्र की तरह अपनी हर कक्षा को प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया एवं वर्ष 1964 में उच्च माध्यमिक परीक्षा में पूरे राजस्थान में टॉप कर अपने परिवार और अपने गांव दोनों का नाम रोशन किया। आध्यात्म एवं अध्ययन में विशेष रूचि रखने वाले डॉ. सोहन राज तातेड़ जी द्वारा अगस्त 2014 से जनवरी 2024 तक ऑनलाइन माध्यम से लोगों में अध्यात्मिक सद्विचार प्रेषित करने के उद्देश्य विभिन्न धार्मिक, प्रेरक, एवं ज्ञानवर्धक विषयों पर 8200 वार्ताएँ करने पर डॉ. तातेड़ जी का नाम गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (Golden Book of World Records) में  "Most Spiritual Motivational Talks Online Delivered By an Individual" के शीर्षक के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया।


देश सेवा एवं समाज सेवा में सदैव तत्पर प्रोफेसर (डॉ.) सोहन राज तातेड़ जी ने राजस्थान राज्य सरकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग में अधीक्षक अभियंता के वरिष्ठ पद तक 30 वर्षों तक सेवाएँ प्रदान करकर स्वेच्छापूर्वक निर्वृत्ति लेकर शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने अध्ययन के क्षेत्र में राजस्थान के सिंघानिया विश्वविद्यालय में कुलपति के रूप में भी कार्य किया है, एवं वे जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय, लाडनूं राजस्थान के मानद सलाहकार भी रह चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में प्रोफेसर (डॉ.) सोहन राज तातेड़ जी का योगदान अतुल्यनीय हैं, वे भारत व विश्व के करीब 50से भी अधिक शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थानों के संरक्षक, एसोसिएट सदस्य एवं आजीवन सदस्य भी हैं। दिनांक 25 जुलाई 2019 तक प्रोफेसर (डॉ.) सोहन राज तातेड़ जी द्वारा दर्शन, योग इतिहास एवं शिक्षा जैसे विषयों पर कुल 228 शोध पुस्तकें लिखी एवं प्रकाशित की गयी। सर्वाधिक शोध पुस्तकों के लेखन एवं प्रकाशन हेतु उनका नाम गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स में "Most Research Books Authored by an Individual" के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। प्रोफेसर (डॉ.) सोहन राज तातेड़ जी द्वारा लिखित एवं प्रकाशित शोध पुस्तकें भारत के 100 से अधिक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की सेन्ट्रल लाइब्रेरियों  में  उपलब्ध हैं जो कि अनेकों विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों द्वारा उपयोग की जाती हैं। डॉ. तातेड़ जी के बुलेटिन 'पुनुरुथन' पर भिन्न- भिन्न सामाजिक मुद्दों पर आधारित वार्ताओं के पांच सौ एपिसोड 24 से अधिक चैनलों पर प्रसारित किये गए उनकी इस उपलब्धि को एक वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में "Most Number of Issue Based Talk Bulletin Telecasted in a Channel" के शीर्षक के साथ गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। प्रोफेसर (डॉ.) सोहन राज तातेड़ जी का योगदान देश एवं समाज के विकास लिए अतुल्यनीय हैं। 

Comments

Popular posts from this blog

सम्मेद शिखरजी, फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज के स्वच्छता अभियान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज

पारसनाथ पर्वत पर स्थित सम्मेद शिखरजी (Sammed Shikhar, Parasnath) जैन समुदाय के लिए सबसे पवित्र तीर्थों (Jain pilgrimage) में से एक है। यह वह तपोभूमि है जहाँ 24 में से 20 जैन तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया। इसी कारण यह पर्वत आध्यात्मिक जागृति, आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र माना जाता है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु गहन भक्ति के साथ कठिन यात्रा कर इस पावन तीर्थ की आराधना करते हैं। ऐसे पवित्र स्थलों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। स्वच्छ पर्वत न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता को संजोता है, बल्कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध वातावरण भी प्रदान करता है। स्वच्छता, प्रकृति और आध्यात्मिकता के प्रति सम्मान का प्रतीक है तथा जैन धर्म के अहिंसा और पवित्रता के संदेश को भी जीवंत करती है। स्वच्छ वातावरण भावी पीढ़ियों को भी इस यात्रा को गर्व और श्रद्धा के साथ करने हेतु प्रेरित करेगा। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, “सबसे अधिक लोगों द्वारा पर्वत को स्वच्छ रखने की शपथ” (Most People Pledged to Keep Mountain Clean) का विश्व रिकॉर्ड प्रयास फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज, इंटरनेश...

हजारों युवाओं ने एक किलोमीटर लंबे तिरंगे के समक्ष राष्ट्रध्वज के सम्मान की शपथ ली, बना विश्व रिकॉर्ड

     शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती के अवसर पर हरियाणा के गोहाना (Guhana,  Haryana) में देशभक्ति का एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहाँ हजारों युवाओं ने एक स्वर में राष्ट्रध्वज के सम्मान की शपथ ली। यह आयोजन शहीद भगत सिंह के अदम्य साहस, बुद्धिमत्ता और बलिदान को नमन करने के साथ-साथ नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जगाने का प्रतीक बना। इस अवसर पर "शहीद भगत सिंह ब्रिगेड" (Shaheed Bhagat Singh Brigade) के तत्वावधान में एक विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया गया जिसमें सर्वाधिक लोगों द्वारा देश की शान, तिरंगे के सम्मान की शपथ लेने वाले का रिकॉर्ड स्थापित हुआ। शहीद भगत सिंह ब्रिगेड और श्री यादविंदर सिंह संधू जी यह विश्व रिकॉर्ड शहीद भगत सिंह ब्रिगेड द्वारा किया गया, जो देशभर में देशभक्ति, शहीदों के आदर्शों और राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहन देने के लिए कार्यरत संगठन है। इस ब्रिगेड की स्थापना और नेतृत्व श्री यादविंदर सिंह संधू (Mr. Yadvinder Singh Sandhu, Founder, Shaheed Bhagat Singh Brigade) द्वारा किया गया है, जो शहीद भगत सिंह के पारिवारिक वंशज हैं। श्री संधू लगातार युवाओं को प्रेरित करन...

बिहू नृत्य स्पिन्स से असम की बेटी दिदृक्षा सोनवाल ने रचा विश्व रिकॉर्ड

मुंबई में कार्यरत असम की युवा इंजीनियर दिदृक्षा सोनवाल (Didriksha Sonowal) ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (GBWR) में नाम दर्ज कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने “30 सेकंड में सर्वाधिक बिहू नृत्य स्पिन्स (Bihu dance spins)” का रिकॉर्ड अपने नाम किया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Golden Book of World Records) द्वारा जारी प्रमाणपत्र में कहा गया है कि 27 अगस्त 2025 को ठाणे (महाराष्ट्र) में प्रदर्शित इस आयोजन में दिदृक्षा ने 72 स्पिन्स कर यह विश्व रिकॉर्ड कायम किया। बिहू: असम की पहचान बिहू असम की संस्कृति का हृदय है। ढोल की थाप और लयबद्ध घूमाव से सजा यह नृत्य अब वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान दर्ज करा चुका है। दिदृक्षा ने कहा-“मेरे लिए यह सिर्फ नृत्य नहीं, बल्कि असम की संस्कृति को दुनिया तक पहुँचाने का माध्यम है। काम और जुनून के बीच संतुलन बनाकर भी संस्कृति को गौरव दिलाया जा सकता है।” मुंबई की कार्यसंस्कृति और उपलब्धि सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद वर्तमान में मुंबई के कंस्ट्रक्शन केमिकल क्षेत्र में कार्यरत दिदृक्षा ने कठिन पेशेवर दिनचर्या के बावजूद इस रिकॉर्ड को हासिल किया। उनकी यह उपलब्...